Online Payment Frauds in India - महिलाये ऑनलाइन व्यवसाय कर रही है तो इस धोखाधड़ी से बचिए

Online Payment Frauds in India in hindi - ऑनलाइन व्यवसाय करने वालो की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है। कई महिलाएं सोशल मीडिया का उपयोग करके व्यवसाय की अच्छी मार्केटिंग कर रही हैं। हालांकि, इसमें धोखाधड़ी होने की सम्भावना भी होती है। आइये जानते जानते है !!!   

Online Payment Frauds in India

अभी लॉकडाउन चालू है। कई कंपनियों ने वर्क फ्रॉम होम चालू कर दिया है। 

लेकिन सवाल यहाँ उठता है कि जिन्होंने अपनी नौकरी खो दी है।  या जिन्होंने छोटा मोटा कारोबार शुरू किया है। वर्तमान में, कई लोग, विशेष रूप से महिलाएं, छोटे घरेलू व्यवसाय शुरू कर रही हैं। 

इस अवसर पर कई व्यवसाय जैसे घर का बना लंच बॉक्स, पापड़ अचार बनाना, आभूषण बनाना या मास्क बनाना भी शुरू किया गया। कई महिलाओं ने सुंदर पेंटिंग, हस्तशिल्प बनाने में अपना हाथ आजमाया।

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व्यवसाय तो शुरू किया लेकिन लॉकडाउन के कारण इसे बेचे कैसे ? तो यह बात सामने आयी के इसका विज्ञापन करना आवश्यक है। 

इसके लिए सबसे आसान माध्यम सोशल मीडिया है। मोबाइल पर इसकी उपलब्धता और नेटपैक की सस्ती कीमतें, ऑनलाइन मार्केटिंग को आसान बनाते हैं। 

लेकिन यहाँ से शुरू होता है असली खेल ... वित्तीय धोखाधड़ी का!

ऑनलाइन व्यवसाय और सोशल मीडिया

व्यवसाय कोई भी हो, सोशल मीडिया एक ऐसा माध्यम है जिससे आप अपने व्यवसाय को दुनिया के किसी भी कोने में ले जा सकते हैं। 

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आपका व्यवसाय फेसबुक, इंस्टाग्राम, व्हाट्सएप या यूट्यूब पर विभिन्न तरीकों से लोगों तक पहुंचा सकता है। अपने प्रोडक्ट की जानकारी यहाँ डालके आप अपना व्यवसाय ऑनलाइन आगे बढ़ा सकते हो। 

यह सब करने के लिए कुछ सोशल मीडिया मार्केटिंग कंपनियां भी पैसे लेकर मदद करती हैं। हालांकि, ज्यादातर लोग कई बार यह सब खुद से करना पसंद करते हैं जिसे डिजिटल मार्केटिंग भी कहते है।

सोशल मीडिया पर विज्ञापन के क्या लाभ हैं?

१) व्यवसाय जो भी हो, एक व्हाट्सएप के माध्यम से दो से तीन सौ लोगों तक पहुंच सकते हो।

२) फेसबुक से लेकर यूट्यूब तक सब माध्यम बिलकुल फ्री है।

३) थोड़े से तकनीकी ज्ञान के साथ, सबसे अच्छा ऑनलाइन व्यापार भी किया जा सकता है।

सोशल मीडिया पर विज्ञापन के क्या नुकसान हैं?

अब देखते हैं नुकसान के बारे में। सोशल मीडिया जितना दिखता है यह उतना अच्छा नहीं है। यह दोधारी तलवार है। 

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सोशल मीडिया पर बहुत फेक होता है। अनगिनत नकली विज्ञापन और नकली खरीदार होते हैं। इसमें से कुछ लोग सच होंगे, लेकिन सब नहीं। 

यदि आप एक खरीददार हैं और आप एक विज्ञापन देखते हैं, तो इसे ऑनलाइन खरीदते समय सावधान रहें।

धोखाधड़ी कैसे होती है?

1) यदि आप का व्यवसाय है ...

आपने सोशल मीडिया पर हर जगह अपने व्यवसाय का विज्ञापन किया है। जिसे देखकर आपको फोन कॉल या मैसेज आते हैं। 

हम आपके उत्पाद को खरीदना चाहते हैं, और इसकी कीमत भी अच्छी है, और वो इसे खरीदना चाहते है। यह देखकर आपको बहुत अच्छा लगता है और यही से धोखाधड़ी शुरू होती है


उदहारण के तौर पर 

जैसे सीता चाची घर पर पर्स बनाती हैं, उन्होंने अपना विज्ञापन सोशल मीडिया पर डाला है। उनके विज्ञापनों देखके कई लोग पर्स पार्स खरीदते भी हैं। 

ऐसे में अचानक उन्हें एक फोन आता है कि हमें 500 पर्स चाहिए। अब जब सीता चाची का वह घर का कारोबार है, तो निश्चित रूप से उनके पास इतना स्टॉक नहीं होगा। 

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लेकिन सामने वाला आदमी कहता है, कोई बात नहीं, अभी पैसे ले लो, और माल बाद में भेज देना। आपको पूर्ण अग्रिम भुगतान मिल रहा है, तो आप ना नहीं करोगे। 

इसके बाद वह आदमी आपको एक क्यूआर कोड भेजता है और स्कैन करने के लिए कहता है। स्कैनिंग करते वक्त वह 50,000 रुपये दिखाता है। 

वह आदमी सीता चाची को उस ऑनलाइन ट्रांसक्शन का पिन क्लिक एंटर करने कहता है। पैसे मिलेंगे इसलिए सीता चाची सब करती हैं। 

अब होता ये है के पैसे आनेके बजाय, उनके खाते से ही पैसे गायब हो जाते है और आया हुआ फोन को हमेशा के लिए बंद हो जाता है। 

ऑनलाइन व्यापार करने वाले और विशेष रूप से गृहिणियों को अक्सर इस चुनौती का सामना करना पड़ता हैं। ऑनलाइन धोखाधड़ी आसानी से की जाती है।

QR कोड एकमात्र उदाहरण नहीं है। कई ऐप हैं, जिन पर आपको अपने व्यवसाय का विज्ञापन करने के लिए कहा जाता है और उसी माध्यम से आसानी से धोखा दिया जाता है। 

व्यवसाय हर कोई बढ़ना चाहता है, लेकिन सामने खड़े व्यक्ति को 'डिजिटल' खरीददार के रूप में सत्यापित किए बिना कोई वित्तीय लेनदेन करना उचित नहीं है।

2) यदि आप एक दुकानदार हैं ...

सोशल मीडिया पर कई विज्ञापन दिखाई देते हैं। इस पर छूट, कुछ लेने पर कुछ मुफ्त इत्यादि। कई महिलाएं ऐसे विज्ञापनों से आकर्षित होती हैं। फिर उन्हें दिखता है, 3,000 रुपये की साड़ी 500 रुपये में मिल सकती है।

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विज्ञापनदाता को कॉल किया जाता है या अधिकांश समय ये विज्ञापन व्हाट्सएप के माध्यम से आते हैं। पांच सौ की साड़ी के पैसे का भुगतान करने के लिए एक क्यूआर कोड भेजा जाता है। 

लेकिन क्यूआर कोड को स्कैन करने के बाद, 500 रुपये की जगह 3,000 रुपये ही पे करने होते है। 

एक महिला ने पूछा, "तीन हजार कैसे?" तो सामने वाला कहता है, यह मूल कीमत है, आपको केवल 500 रुपये की कटौती मिलेगी। एक बार आप पिन दर्ज करने के बाद ५०० काटके बाकि पैसे आपको लौटा देंगे और बैंक से पूरे तीन हजार रुपये काट लिए जाते हैं।

यह खेल यहीं नहीं रुकता। ऐसा दो से चार बार होता है। आपको वापस कॉल आता है के 'आपके तीन हजार की एंट्री गलती से हुई है, एक क्यूआर कोड वापस भेज रहे है, इसे स्कैन करें, आपके सभी पैसे वापस करने है'... 

ऐसा करके बहुत सारा पैसा उड़ा दिया जाता है। जब तक आपको एहसास नहीं होता आप पूरी तरह से धोखा खा चुके होते हैं। यह सब बहुत अजीब है लेकिन यह सच है और यह हर दिन होता है।

इस सबका हल क्या है?

१) किसी भी परिस्थिति में क्यूआर कोड को स्कैन ना करे। और कही भी अपने बैंक के पिन को एंटर  न करे।

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२) किसी अनजान ऐप पर अपना व्यवसाय पंजीकृत करते समय दस बार सोचें। ऐप या वेबसाइट सुरक्षित है या नहीं यह जांच ले।

३) वेबसाइट सही है या गलत, इसकी पहले जांच होनी चाहिए। केवल प्रतिष्ठित स्थापित शॉपिंग वेबसाइटों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। 

४ ) व्हाट्सएप ग्रुप आदि के माध्यम से बिक्री के लिए आने वाली वस्तुओं की पूरी तरह से पुष्टि की जानी चाहिए और फिर उन वस्तुओं को ऑर्डर किया जाना चाहिए।

५) कई बार पैसा ही नहीं लेकिन वस्तु खराब होती है जैसा चित्र में दिखाया गया। पहले इसकी पुष्टि कर ले।

धोखाधड़ी के मामले में क्या करना है?

१) यदि आप इस तरह के किसी भी धोखाधड़ी का शिकार होते हैं, तो आपको तुरंत साइबर पुलिस या निकटतम पुलिस स्टेशन पर जाना चाहिए।

२) केवल एक फॉर्म या आवेदन लिखने के बजाय, एक औपचारिक शिकायत दर्ज की जानी चाहिए और शिकायत की एक रसीद प्राप्त करे।

३) वेबसाइट और बैंक, जिसके माध्यम से वित्तीय धोखाधड़ी हुई है, दोनों से संपर्क करे। अपने बैंकिंग यूज़रनेम और पासवर्ड के साथ-साथ कार्ड को भी ब्लॉक करें।

४) बैंक जाकर इस तरह की जानकारी देने से पैसा जल्दी वापस मिलने में मदद मिलती है।

५)  याद रखे, अगर आप इस पूरी बात पर डर के मारे कुछ नहीं करते, तो ये साइबर चोर इसी तरह से अपराध करते रहेंगे। आपकी साइबर सुरक्षा आपके ही हाथों में है

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